लिरिक्स : सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है Saja Do Ghar Gulshan Sa Mere Sarkar Aaye Hai Lyrics

सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है

Singer - Raj Pareek

Lyrics Track - Saja Do Ghar Gulshan Sa Mere Sarkar Aaye Hai




सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है,
मेरे सरकार आये है,
लगे कुटियाँ भी दुल्हन सी,
लगे कुटियाँ भी दुल्हन सी,
मेरे सरकार आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है। 



पखारो इनके चरणों को,
बहा कर प्रेम की गंगा,
बहा कर प्रेम की गंगा,
बिछा दो अपनी पलको को,
मेरे सरकार आये है। 



सरकार आ गए है मेरे गरीब खाने में,
आया दिल को सकून उनके करीब आने में,
मुदत से प्यासी आखियो को मिला आज वो सागर,
भटका था जिसको पाने की खातिर इस ज़माने में। 



उमड़ आई मेरी आंखे,
देख कर अपने बाबा को,
देख कर अपने बाबा को,
हुई रोशन मेरी गलियां,
मेरे सरकार आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है। 



तुम आकर फिर नहीं जाना,
मेरी इस सुनी दुनिया से,
मेरी इस सुनी दुनिया से,
कहूँ हर दम यही सबसे,
मेरे सरकार आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है। 




सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है,
मेरे सरकार आये है,
लगे कुटियाँ भी दुल्हन सी,
लगे कुटियाँ भी दुल्हन सी,
मेरे सरकार आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है।


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