लिरिक्स - खुल गए सारे ताले वाह क्या बात हो गई Khul Gaye Sare Taale Wah Kya Baat ho Gai Lyrics

खुल गए सारे ताले वाह क्या बात हो गई

Singer - Ramkumar Lkkha

Lyrics Track - Khul Gaye Sare Taale Wah Kya Baat ho Gai 



कभी नरसिंह बन कर,
पेट हिरणाकुश को फाड़े,
कभी अवतार लेकर,
राम का रावण को संहारे,
कभी श्री श्याम बन करके,
पटक कर कँस को मारे,
दसों गुरुओं का ले अवतार,
वो ही हर रूप थे धारे,
धर्म का लोप होकर,
जब पापमय संसार होता है,
दुखी और दीन निर्बल का,
जब हाहाकार होता है,
प्रभु के भक्तों पर जब,
घोर अत्याचार होता है,
तभी संसार में भगवान का,
अवतार होता है। 



खुल गए सारे ताले वाह क्या बात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई,
था घनघोर अँधेरा कैसी रात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 



था बन्दी खाना जन्म लिए कान्हा,
द्वापर का जमाना पुराना,
ताले लगाना पहरे बिठाना,
वो कँस का जुल्म ढाना,
उस रात का दृश्य भयंकर था,
उस कंस को मरने का डर था,
बदल छाए उमडाये बरसात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 





खुल गए ताले सोये थे रखवाले,
थे हाथो में बर्छिया भाले,
दिल के काले पड़े थे पाले,
वो काल के हवाले होने वाले,
वासुदेव ने श्याम को उठाया था,
टोकरी में श्री श्याम को लिटाया था,
गोकुल धाये हर्षाए कैसी बात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 



घटाएँ थी काली अजब मतवाली,
और टोकरे में मोहन मुरारी,
सहस वनधारी करे रखवारी,
तो जमुना ने बात विचारी,
श्याम आए हैं भक्तो के हितकारी,
इनके चरणों में हो जाऊं बलिहारी,
जाऊँ वारी हमारी मुलाकात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 



छवि नटवर की, वो परमेश्वर की,
वो ईश्वर विश्वम्भर की,
न बात थी डर की न जमुना के सर की,
देख के झाँकी गिरधर की,
वासुदेव डगर ली नंद घर की,
भक्तों ने कथा कही साँवल की,
सफल तंव  की कलम दवात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 





खुल गए सारे ताले वाह क्या बात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई,
था घनघोर अँधेरा कैसी रात हो गई,
जब से जनमे कन्हैया करामात हो गई। 


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