लिरिक्स : बुलओ जो तुम प्रभु को प्रेम से बुलाना Bulao Jo Tum Prabhu Ko Prem Se Bulana Lyrics

बुलओ जो तुम प्रभु को प्रेम से बुलाना

Singer - Shubham Rupam

Lyrics Track - Bulao Jo Tum Prabhu Ko Prem Se Bulana



बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से बुलाना,
प्रेम से बुलाना,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 



पासे में दुर्योधन ने जब,
पांडव हो हराया था,
और भरी सभा में द्रोपती का,
जब चिर उतरा था,
प्रेम की आवाज सुनकर,
चिर को बढ़ाया,
चिर को बढ़ाया,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 





शबरी ने बड़े प्रेम से जब,
उन्हें घर पे भुलाया था,
खाटे ना निकले बेर स्वयं,
उन्हें चख के खिलाया था,
झूठे ना बेर वो था,
प्रेम का नजारा,
प्रेम का नजारा,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 



नानी बाई ने प्रेम भरे जब,
आंसू ढुलकाए,
बहना को रोते देख मेरे,
गिरधर न रह पाए,
चुनड़ी ओढ़ाया देखो,
जग का पालनहारा,
जग का पालनहारा,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 



ये प्रेम पुजारी है ये बस,
प्रेमी हो ढूंढ़ता है,
जब मिल जाता है प्रेम,
मेरा नटवर ना रुकता है,
'शुभम-रूपम' का कहना,
भूल ना जाना,
भूल ना जाना,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 





बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से बुलाना,
प्रेम से बुलाना,
प्रेमियों के घर में रहता,
इनका आना जाना,
बुलओ जो तुम प्रभु को,
प्रेम से भुलाना। 


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