लिरिक्स - जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है Jiski Chokhat Par Jhukta Ye Sansar Hai Lyrics

जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है


Singer - Shyam Singh Chouhan

Lyrics Track - Jiski Chokhat Par Jhukta Ye Sansar Hai




जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है,
ये श्याम से प्रीत लगाने का उपहार है,
सेवादार है हम सेवादार है,
जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है। 



जो दीन दुखी होते है,
उनके दुःख दूर है करता,
जो खाली झोली लाए,
उनके भंडारे भरता,
लख लख कर देता ऐसा लखदातार है
सेवादार है हम सेवादार है,
जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है। 





कोई प्रेमी इनका हमको,
जब भी कही मिल जाता,
इक अनजाना प्यारा सा,
रिश्ता बन जाता,
अपनों से बढ़ कर मिलता उनसे प्यार है,
सेवादार है हम सेवादार है,
जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है। 



ये एक ही सच्चा द्वारा,
आलू सिंह जी ने बताया,
जो सच्चे मन से ध्यावे,
उसे बाबा से मिलवाया,
कहे 'श्याम' का किया या घर घर में प्रचार है,
सेवादार है हम सेवादार है,
जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है।



जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है,
ये श्याम से प्रीत लगाने का उपहार है,
सेवादार है हम सेवादार है,
जिसकी चौखट पर झुकता ये संसार है,
उसकी चौकट के हम तो सेवादार है। 





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