लिरिक्स : कीड़ी ने कण हाथी ने मण Kidi Ne Kan Hathi Ne Man Lyrics

कीड़ी ने कण हाथी ने मण

Singer - shubham Rupam

Lyrics Track - Kidi Ne Kan Hathi Ne Man





कीड़ी ने कण हाथी ने मण,
कीड़ी ने कण हाथी ने मण,
सगलो हिसाब चुकावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है। 



जो जल में रेवे जीव जंतु,
वो जल में सब कुछ पावे है,
जो रवे हैं ई धरती पर,
वेई धरती सु पावे है,
ज्यारी जितनी चोंच होव,
ज्यारी जितनी चोंच होव,
बितणो ही चुगो चुगावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है। 



सरकारा तो देखि धणी,
पर या सरकार अनोखी है,
इने नोट वोट ना कुर्सी चाहे,
चाहे भावना चोखी है,
कटपुतलियां हाँ इन हाथारी,
कटपुतलियां हाँ इन हाथारी,
यो ही नाच नचावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है। 



बगुला रो भोजन मछली मांस,
और हंस तो मोती खावे है,
और जैसा हो स्वभाव जियांको,
वैसी बोली पावे है,
रंग एक है काग कोयल रो,
रंग एक है काग कोयल रो,
वाणी भेद बतावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है।





कीड़ी ने कण हाथी ने मण,
कीड़ी ने कण हाथी ने मण,
सगलो हिसाब चुकावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है,
खाटू माही बैठ्यो संवारो,
सारो खेल रचावे है। 


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