लिरिक्स - पकड़ ले पाँव तू कस के हाथ वो खुद ही पकड़ेगा Pakad Le Paav Tu Kaske Hath Vo Khud Hi Pakdega Lyrics

पकड़ ले पाँव तू कस के हाथ वो खुद ही पकड़ेगा

Singer - Shubham Rupam

Lyrics Track - Pakad Le Paav Tu Kaske Hath Vo Khud Hi Pakdega





पकड़ ले पाँव तू कस के,
हाथ वो खुद ही पकड़ेगा,
झुका ले सर को तू अपने,
ह्रदय से खुद वो लिपटेगा। 



ये दर वो दर नहीं है जो,
सिफारिशों से चलता है,
यहाँ पे काम तो प्यारे है,
सत्य के दम पर चलता है,
सूना ले बस भजन दिल से,
दर्द वो खुद समझ लेगा,
पकड़ ले पाँव तू कस के,
हाथ वो खुद ही पकड़ेगा,
झुका ले सर को तू अपने,
ह्रदय से खुद वो लिपटेगा। 





बांटने की तमन्ना रख,
लुटाने खुद वो बैठा है,
पकड़ ले हाथ निर्बल का,
जिताने खुद वो बैठा है,
ना तू घबरा रुकावट से,
वो खुद ही सब निपट लेगा,
पकड़ ले पाँव तू कस के,
हाथ वो खुद ही पकड़ेगा,
झुका ले सर को तू अपने,
ह्रदय से खुद वो लिपटेगा। 



खामियों को ही रटने की,
पुरानी आदत है जग की,
खूबियों को परखने की,
खासियत है तेरे दर की,
'शुभम-रूपम' हार को भी,
जीत में वो बदल देगा,
पकड़ ले पाँव तू कस के,
हाथ वो खुद ही पकड़ेगा,
झुका ले सर को तू अपने,
ह्रदय से खुद वो लिपटेगा। 





पकड़ ले पाँव तू कस के,
हाथ वो खुद ही पकड़ेगा,
झुका ले सर को तू अपने,
ह्रदय से खुद वो लिपटेगा। 


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