लिरिक्स - सूरजगढ़ निशान के निचे जो भी आया है Surajgarh Nishan Ke Niche Jo Bhi Aaya Hai Lyrics

सूरजगढ़ निशान के निचे जो भी आया है

Singer - Sanjeev Sharma

Lyrics Track - Surajgarh Nishan Ke Niche Jo Bhi Aaya Hai




सूरजगढ़ निशान के निचे,
जो भी आया है,
खाटू वाले श्याम ने,
उसका भाग्य जगाया है। 



ना जाने कितने भक्तों का,
इस निशान में तप बल है,
इसी लिए युगों युगों से,
ये सफेद है उज्वल है ,
सदियों से ये श्याम शिखर पर,
चढ़ता आया है,
खाटू वाले श्याम ने उसका,
भाग्य जगाया है। 




सूरजगढ़ से पैदल चलते,
श्याम का ध्यान लगा कर के,
बूढ़े बालक नर और नारी,
मन में भाव जगा कर के,
चलने वालो पर बाबा की,
छत्र छाया है,
खाटू वाले श्याम ने उसका,
भाग्य जगाया है। 




इस निशान को सच्चे मन से,
जो भी शीश निभाता है,
मनोकामना पूरी होती,
कृपा श्याम की पाता है,
इस निशान में श्याम धनी,
का तेज समाया है ,
खाटू वाले श्याम ने उसका,
भाग्य जगाया है। 



सूरजगढ़ निशान को 'बिनू',
शीश झुका वंदन करता,
शक्ति देता भक्ति देता,
सारे संकट ये हरता,
भक्त और भगवन का,
इसने मेल कराया है,
खाटू वाले श्याम ने उसका,
भाग्य जगाया है। 




सूरजगढ़ निशान के निचे,
जो भी आया है ,
खाटू वाले श्याम ने,
उसका भाग्य जगाया है। 


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