लिरिक्स : सारे भक्तों के दिल से निकले बाबा की जयकार Sare Bhakto Ke Dil Se Nikale Baba Ki Jaikar Lyrics

सारे भक्तों के दिल से निकले बाबा की जयकार

Singer - Sandeep Sharma

Lyrics Track - Sare Bhakto Ke Dil Se Nikale Baba Ki Jaikar




सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार, 
मेरे बाबा की जयकार,
शीश के दानी की जयकार, 
सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार। 



मोरछड़ी है हाथ में भारी,
करता है नीले की सवारी, 
महिमा अपरम्पार,
तुझको पूजे ये संसार, 
सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार। 



मैं दुनिया से बाबा हारा,
हारे का हो आप सहारा, 
दर पे करूँ पुकार,
तेरी होवे जय जयकार, 
मेरी भी सुनले दिल की पुकार,
तेरी होवे जय जयकार, 
सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार। 



जबसे तेरा नाम लिया है,
तुमने बाबा थाम लिया है, 
तेरा सेवादार,
तेरे दर पे करे पुकार। 
'संदीप' भी तेरा सेवदार,
तेरे दर पे करे पुकार, 
सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार। 




सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार, 
मेरे बाबा की जयकार,
शीश के दानी की जयकार, 
सारे भक्तों के दिल से निकले,
बाबा की जयकार।


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