लिरिक्स : सांवरा मान्य अरोरा भजन Sanwara Maanya Arora Bhajan Lyrics

सांवरा मान्य अरोरा भजन 

Lyrics Track - Sanwara Maanya Arora Bhajan

Singer - Maanya arora, Shubham Bajoriya




जिसकी नईया सम्हाले कन्हैया,
उसको कोई भी डरना भंवर का,
एक उसकी ही मंजिल सही है,
जो पथिक है प्रभु की डगर का,
गम की आँधी उसे क्या उड़ाए,
जो प्रभु मौज में जूमता है,
ढूंढता जो सदा सांवरे को,
सांवरा खुद उसे ढूंढता है,
सच्चे हर्दय से होके समर्पित,
अपने ठाकुर को जो पूजता है। 



जिसका रिश्ता माया पति से,
जग की माया उसे क्या लुभाए,
उसकी नजरो में सब है बराबर,
कोई अपने न कोई पराय,
जिसके दिल मे बसा श्याम सुंदर,
हर कही श्याम को देखता है,
ढूंढता जो सदा सांवरे को,
सांवरा खुद उसे ढूंढता है,
सच्चे हर्दय से होके समर्पित,
अपने ठाकुर को जो पूजता है। 



एक दिन छोड़के जग है जाना,
'बिन्नू' बन जा प्रभु का दीवाना,
श्याम को जिसने है अपना माना,
उसको चरणों में मिलता ठिकाना,
जाने के बाद में ये जमाना,
उनके चरणों की रज ढूंढ़ता है,
ढूंढता जो सदा सांवरे को,
सांवरा खुद उसे ढूंढता है,
सच्चे हर्दय से होके समर्पित,
अपने ठाकुर को जो पूजता है। 




जिसकी नईया सम्हाले कन्हैया,
उसको कोई भी डरना भंवर का,
एक उसकी ही मंजिल सही है,
जो पथिक है प्रभु की डगर का,
गम की आँधी उसे क्या उड़ाए,
जो प्रभु मौज में जूमता है,
ढूंढता जो सदा सांवरे को,
सांवरा खुद उसे ढूंढता है,
सच्चे हर्दय से होके समर्पित,
अपने ठाकुर को जो पूजता है।


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